घर में रखें ये चीजें: वास्तु के अनुसार सुख-समृद्धि के उपाय
Short answer
वास्तु में तुलसी का पौधा, जल से भरा कलश, स्वस्तिक, शंख, हरे पौधे और चलती घड़ी को घर में शुभ माना जाता है। साथ ही टूटी वस्तुएँ, सूखे पौधे, बंद घड़ी और चटके दर्पण हटाने का निर्देश है — वास्तु में हटाना जोड़ने से अधिक महत्वपूर्ण माना गया है।
वास्तु में प्रायः यह प्रश्न पूछा जाता है कि घर में क्या रखें। किंतु परंपरा में इससे अधिक महत्व इस बात को दिया गया है कि क्या हटाएँ।
शुभ मानी जाने वाली वस्तुएँ
- तुलसी का पौधा — उत्तर, पूर्व या ईशान कोण में। भारतीय परंपरा में सर्वाधिक पवित्र पौधा
- जल से भरा कलश — ईशान कोण में
- स्वस्तिक — मुख्य द्वार के ऊपर
- शंख — पूजा स्थल पर
- हरे पौधे — मनी प्लांट, बांस, तुलसी
- चलती हुई घड़ी — उत्तर या पूर्व दीवार पर
- बहते जल का चित्र या फव्वारा — उत्तर दिशा में
जो हटा देना चाहिए
वास्तु में इन्हें ऊर्जा-अवरोध माना गया है:
- टूटे बर्तन, चटका काँच, खंडित मूर्ति
- सूखे या मुरझाए पौधे
- बंद या खराब घड़ी
- टूटा दर्पण
- खराब विद्युत उपकरण
- फटे-पुराने वस्त्र जो वर्षों से पड़े हों
- छत या स्टोर में जमा अनुपयोगी सामान
परंपरा में कहा गया है कि जो वस्तु एक वर्ष से उपयोग में नहीं आई, वह घर में स्थान घेर रही है।
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तुलसी की देखभाल
तुलसी का पौधा रखना पर्याप्त नहीं — उसकी नियमित देखभाल आवश्यक मानी गई है। सूखी तुलसी घर में रखना अशुभ माना जाता है।
रविवार और एकादशी को तुलसी में जल न देने तथा पत्ते न तोड़ने की परंपरा है।
दिशा-वार सुझाव
| दिशा | उपयुक्त |
|---|---|
| ईशान (उत्तर-पूर्व) | पूजा स्थल, जल, तुलसी |
| पूर्व | प्रवेश, खिड़की, प्रकाश |
| आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) | रसोई, विद्युत उपकरण |
| दक्षिण | भारी सामान, अलमारी |
| नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) | शयनकक्ष, तिजोरी |
| पश्चिम | भोजन कक्ष, बच्चों का कक्ष |
| वायव्य (उत्तर-पश्चिम) | अतिथि कक्ष, शौचालय |
| उत्तर | तिजोरी, जल, धन-स्थान |
सबसे प्रभावी उपाय
वास्तु का सबसे सरल और सबसे प्रभावी निर्देश स्वच्छता है। धूल, अव्यवस्था और अनुपयोगी सामान का जमाव — इन तीनों को हटाना किसी भी यंत्र या उपाय से अधिक महत्वपूर्ण माना गया है।
प्रकाश और वायु-संचार भी उतने ही आवश्यक हैं। जिस घर में पर्याप्त प्राकृतिक प्रकाश आता हो और हवा आर-पार बहती हो, उसे वास्तु में स्वस्थ भवन माना जाता है।
एक आवश्यक बात
वास्तु एक पारंपरिक ज्ञान-पद्धति है, जिसके अनेक नियमों के पीछे दिशा, प्रकाश, वायु-संचार और उपयोगिता का व्यावहारिक विवेक दिखाई देता है। इन्हें श्रद्धा के साथ अपनाएँ, किंतु घर तोड़ने-बनाने जैसे बड़े निर्णय केवल इस आधार पर न लें। जो परिवर्तन सरलता से संभव हों, वही पर्याप्त माने जाते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
घर में तुलसी किस दिशा में रखें?
उत्तर, पूर्व या ईशान कोण में। सूखी तुलसी घर में रखना अशुभ माना जाता है, इसलिए नियमित देखभाल आवश्यक है।
वास्तु में सबसे प्रभावी उपाय क्या है?
स्वच्छता। धूल, अव्यवस्था और अनुपयोगी सामान हटाना किसी भी यंत्र या उपाय से अधिक महत्वपूर्ण माना गया है।
घर से कौन सी चीजें हटा देनी चाहिए?
टूटे बर्तन, चटका काँच, खंडित मूर्ति, सूखे पौधे, बंद घड़ी, टूटा दर्पण और खराब विद्युत उपकरण।
तिजोरी किस दिशा में रखें?
उत्तर या नैऋत्य कोण में। उत्तर को कुबेर की दिशा माना जाता है।





