भगवान जी के प्रसाद वाले बर्तन, को लेकर रखें इस बात का ध्यान

क्या आप लोग भगवान जी को भोग लगाते टाइम ऐसी गलती करते है? नमस्कार दोस्तों, आज हम एक…

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क्या आप लोग भगवान जी को भोग लगाते टाइम ऐसी गलती करते है? नमस्कार दोस्तों, आज हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने जा रहे है, जोकि हमारे धार्मिक और आध्यात्मिक जीवन से जुड़ी हुई है। 

  • जब भी घर या मंदिर में कोई धार्मिक आयोजन, पूजा या उत्सव होता है, तो उसमें प्रसाद बनाने और परोसने के लिए बर्तन Bartan व क्रोकरी की आवश्यकता होती है। 
  • आमतौर पर यह व्यवस्था टेंट हाउस या किराये पर बर्तन Bartan देने वाली एजेंसी से की जाती है।

हम भी अनजाने में ऐसी गलती कर देते है

  • लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है की इन बर्तनों Bartan का पहले किस कार्य में उपयोग हुआ है। 
  • कई बार ऐसा होता है की ये वही बर्तन Bartan होते है जिनमें पहले नॉनवेज यानी की मांसाहारी भोजन पकाया या परोसा गया होता है। 
  • ऐसे में जब इन्हीं बर्तनों Bartan में भगवान जी का प्रसाद बनाया जाता है या भगवान जी को भोग लगाया जाता है, तो यह धार्मिक दृष्टिकोण से उचित नहीं माना जाता।
  • धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रसाद हमेशा शुद्ध और पवित्र बर्तनों Bartan में ही तैयार होना चाहिए। 
  • यदि मांसाहारी भोजन के लिए उपयोग किए गए बर्तनों Bartan का उपयोग प्रसाद के लिए किया जाता है, तो वह प्रसाद अपवित्र हो जाता है। 
  • ऐसा प्रसाद भगवान को अर्पित करना और श्रद्धालुओं में बांटना अनुचित होता है। 
  • यह हमारे जीवन में नकारात्मक ऊर्जा और असुर जैसी बुद्धि का संचार कर सकता है।

हमारी श्रद्धा और भक्ति को ठेस पहुंचता है 

धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों में भी स्पष्ट उल्लेख मिलता है की भगवान जी को अर्पित की जाने वाली वस्तु शुद्ध, सात्विक और पूर्णतः पवित्र होनी चाहिए। यदि हम अनजाने में भी अपवित्र बर्तनों Bartan में प्रसाद बनाकर भोग लगाते हैं, तो यह हमारी श्रद्धा, भक्ति और भावना को ठेस पहुंचाता है।

इसलिए हम सभी को चाहिए की जब भी किसी पूजा या धार्मिक आयोजन की योजना बनाएं, तो बर्तनों Bartan की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। संभव हो तो अपने घर के पवित्र बर्तनों Bartan का ही उपयोग करें या फिर सुनिश्चित करें की किराये पर लिए गए बर्तन Bartan पहले कभी मांसाहारी भोजन के लिए इस्तेमाल नहीं किए गए हों।

निष्कर्ष

तो दोस्तों, धार्मिक आयोजनों की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह एक छोटी सी सावधानी बहुत बड़ा प्रभाव डाल सकती है। इसीलिए इस प्रकार की गलती से हमेशा बचें और अपने आराध्य के प्रति सच्ची श्रद्धा प्रकट करें।