यह खबर न केवल धार्मिक भक्तों के लिए बल्कि उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो नए उद्यम शुरू करने, शुभ कार्य करने, और नए साल को सकारात्मक और समृद्धि से भरपूर तरीके से शुरू करने की योजना बना रहे हैं। उगादी का मुहूर्त वह शुभ समय होता है जब नए साल से संबंधित महत्वपूर्ण अनुष्ठान और पूजा-पाठ किए जाते हैं।
क्या है उगादी और इसका महत्व?
उगादी, जिसे युगादि भी कहा जाता है, चैत्र महीने के पहले दिन मनाया जाता है, जो आमतौर पर मार्च या अप्रैल में आता है। यह त्योहार वसंत ऋतु के आगमन और प्रकृति के पुनर्जन्म का प्रतीक है। माना जाता है कि इस दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी, इसलिए इसे नए साल की शुरुआत के रूप में देखा जाता है।
उगादी का दिन नए संकल्पों, नए सपनों और नए आशाओं के साथ आता है। लोग अपने घरों को साफ करते हैं, सजाते हैं, रंगोली बनाते हैं और नए कपड़े पहनते हैं। उगादी पचड़ी, एक विशेष व्यंजन जिसमें छह अलग-अलग स्वाद (कड़वा, मीठा, खट्टा, नमकीन, तीखा और कसैला) होते हैं, इस त्योहार का एक अभिन्न हिस्सा है। यह जीवन के विभिन्न अनुभवों – सुख-दुख, खुशी-गम –