राशि परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है
- शनि देव Shani Dev जो बाकी सभी ग्रह के मुकाबले बहुत ही कम गति में राशि बदलते हैं और इसका प्रभाव सभी बारह राशियों पर गहराई से पड़ता है।
- इनमें से कुछ की किस्मत अच्छी हो जाती है और कार्य अच्छे हो जाते हैं। कंपटीशन में बैठने वालों के जीवन को मिलता है एक अच्छा सिग्नल।
- इस परिवर्तन के साथ ही कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या की शुरुआत हो चुकी है, जबकि कुछ राशियों को इससे राहत भी मिली है।
- शनि की साढ़ेसाती सात साल तक चलती है और यह तीन चरणों में होती है पहले ढाई साल, मध्य के ढाई साल और अंतिम ढाई साल।
- वहीं, ढैय्या यानी शनि की अढ़ाई साल की छाया भी दो राशियों पर असर डालती है।
साढ़ेसाती की चपेट में आने वाली राशियाँ
शनि के अगले राशि में प्रवेश करते ही कुम्भ राशि पर अंतिम चरण की साढ़ेसाती, अगले राशि पर मध्य चरण और मेष राशि पर प्रारंभिक चरण की साढ़ेसाती शुरू हो गई है।
ढैय्या की शुरुआत की बात करें तो कुछ राशियों पर शनि की ढैय्या की शुरुआत हुई है, जिससे इन जातकों को मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानियाँ और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
मुक्त होने वाली राशियाँ
कुछ मुक्त होने वाली राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती से पूर्णतः मुक्ति मिल चुकी है, जिससे इनके जीवन में अब धीरे-धीरे सुधार और स्थिरता आने की संभावना है।
जैसा की हर तरफ सुनने को मिलता है की शनि देव Shani Dev को न्याय का देवता कहा जाता है। अगर आपके ऊपर भी किसी प्रकार का संकट है या फिर आप किसी भी राशि के हैं तो शनिवार के दिन शनि देव की पूजा जरूर करनी चाहिए। ईमानदारी से पूजा करने वाले को जीवन में सफलता जरूर मिलती है और जरूरी काम पूरे हो जाते हैं।
निष्कर्ष
इस जानकारी में आपको बताया गया है की 29 मार्च 2025 को शनि देव Shani Dev ने एक महत्वपूर्ण राशि परिवर्तन किया है। इसके पहले वह ढाई वर्ष तक कुंभ राशि में रहे थे।