Akshaya Tritiya: Unveiling the Significance of the Eternal Day of Prosperity

अक्षय तृतीया: शाश्वत समृद्धि के दिन का अनावरण वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, अक्षय तृतीया,…

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अक्षय तृतीया: शाश्वत समृद्धि के दिन का अनावरण

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, अक्षय तृतीया, हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ दिन माना जाता है। ‘अक्षय’ शब्द का अर्थ है ‘कभी न खत्म होने वाला’ या ‘अनन्त’, और ‘तृतीया’ का अर्थ है ‘तीसरा दिन’। इसलिए, अक्षय तृतीया का शाब्दिक अर्थ है ‘अनन्त तृतीया’ या ‘कभी न खत्म होने वाली तृतीया’। यह दिन शाश्वत समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक है।

अक्षय तृतीया को किसी भी नए कार्य या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किया गया कोई भी कार्य ‘अक्षय’ फल देता है, यानी उसका परिणाम कभी भी क्षीण नहीं होता और वह अनन्त काल तक बना रहता है। यह दिन इतना शुभ है कि इसे स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए किसी विशेष मुहूर्त या पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। यह दिन अपने आप में ही पवित्र और शुभ है।