महाकुंभ मेला को यूनेस्को सांस्कृतिक धरोहर का दर्जा क्यों मिला है?

महाकुंभ मेला भारतीय संस्कृति का एक जीवंत और अभूतपूर्व प्रतीक है। यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक और…

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महाकुंभ मेला भारतीय संस्कृति का एक जीवंत और अभूतपूर्व प्रतीक है। यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक उत्सव है, जो मानवता के सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को एक साथ पिरोता है। यूनेस्को द्वारा महाकुंभ मेले को 2017 में “मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर” के रूप में मान्यता दी गई। यह दर्जा महाकुंभ की ऐतिहासिकता, सांस्कृतिक समृद्धि, और आध्यात्मिक महत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करता है।

इस लेख में, हम समझेंगे कि महाकुंभ मेले को यह गौरवशाली दर्जा क्यों मिला और इसके पीछे कौन-कौन से पहलू शामिल हैं।