कालाष्टमी के पर्व पर, देखिए महत्वपूर्ण जानकारी

क्या आप लोग साल 2025 में कालाष्टमी Kalashtami पर्व के बारे में जानना चाहते हैं? नमस्कार दोस्तों, हिंदू…

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क्या आप लोग साल 2025 में कालाष्टमी Kalashtami पर्व के बारे में जानना चाहते हैं? नमस्कार दोस्तों, हिंदू धर्म में कालाष्टमी Kalashtami का त्यौहार भगवान काल भैरव जी को समर्पित होता है। 

  • इन्हें भगवान शिव का रौद्र और रक्षक रूप माना जाता है। 
  • मान्यता है की जो भक्त सच्चे मन से भगवान भैरव जी की पूजा करता है, उसे जीवन में भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। 
  • काल भैरव जी समय और मृत्यु के स्वामी माने जाते हैं, इसीलिए इनका नाम “काल” भैरव पड़ा है।

कालाष्टमी Kalashtami का पर्व कब मनाया जाता है

  • हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी Kalashtami का पर्व मनाया जाता है। 
  • यह दिन विशेष रूप से तंत्र साधना और रक्षात्मक पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। 
  • कालाष्टमी Kalashtami पर व्रत रखने और भगवान भैरव जी की विधिवत पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और भयमुक्ति का वरदान प्राप्त होता है।
  • इस साल 2025 में कालाष्टमी Kalashtami का पर्व 20 मई को यानी आज के दिन मनाया जा रहा है। 
  • आज का दिन और भी विशेष हो गया है क्योंकि इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र और द्विपुष्कर योग का संयोग बन रहा है। 
  • द्विपुष्कर योग में किए गए कार्य दो गुना फलदायी होते हैं। 
  • ऐसे में यदि भक्त आज भगवान भैरव जी की पूजा करते हैं तो उन्हें दोगुना पुण्य और लाभ प्राप्त हो सकता है।

पूजा विधि और महत्व

कालाष्टमी Kalashtami के दिन प्रातः स्नान करके भगवान काल भैरव जी का ध्यान करें। भैरव मंदिर में जाकर तेल, काले तिल, सरसों, फूल, नारियल और अगरबत्ती से पूजा करें। इसके अलावा भगवान काल भैरव जी के वाहन को खाना खिलाए। रात्रि में भैरव चालीसा या काल भैरव अष्टक का पाठ करना भी अत्यंत शुभ होता है।