Onam and the Stars: Exploring the Festival’s Astrological Roots

ओणम और तारे: पर्व की ज्योतिषीय जड़ें केरल की हरी-भरी भूमि पर, जहाँ झरने कलकल करते हैं और…

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ओणम और तारे: पर्व की ज्योतिषीय जड़ें

केरल की हरी-भरी भूमि पर, जहाँ झरने कलकल करते हैं और नारियल के पेड़ लहराते हैं, हर साल एक ऐसा त्योहार मनाया जाता है जो रंग, उत्साह और समृद्धि का प्रतीक है – ओणम। यह सिर्फ एक फसल उत्सव ही नहीं है, बल्कि यह पौराणिक कथाओं, संस्कृति और प्रकृति के साथ गहरा संबंध भी दर्शाता है। हालांकि ओणम की कहानियां राजा महाबली और भगवान विष्णु के वामन अवतार के इर्द-गिर्द घूमती हैं, बहुत कम लोग जानते हैं कि इस त्योहार की जड़ें कहीं न कहीं ज्योतिषीय सिद्धांतों में भी छिपी हैं।

ओणम, मुख्य रूप से अगस्त और सितंबर के महीनों में मनाया जाता है, मलयाली कैलेंडर के अनुसार चिंगम महीने में आता है। यह समय खगोलीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। जब हम ओणम के ज्योतिषीय पहलुओं में गहराई से उतरते हैं, तो हमें तारों और ग्रहों की गतिविधियों के साथ इसका एक सूक्ष्म संबंध दिखाई देता है।