Ashtavakra Gita | अष्टावक्र गीता – Tenth Chapter | दशम अध्याय
अष्टावक्र गीता(मूल संस्कृत) अष्टावक्र गीता (हिंदी भावानुवाद) Ashtavakra Gita (English) अष्टावक्र उवाच – विहाय वैरिणं कामम-र्थं चानर्थसंकुलं।धर्ममप्येतयोर्हेतुंसर्वत्रा ना…
Ashtavakra Gita | अष्टावक्र गीता – Ninth Chapter | नवम अध्याय
अष्टावक्र गीता(मूल संस्कृत) अष्टावक्र गीता (हिंदी भावानुवाद) Ashtavakra Gita (English) अष्टावक्र उवाच –कृताकृते च द्वन्द्वानिकदा शान्तानि कस्य वा।एवं…
Ashtavakra Gita | अष्टावक्र गीता – Eighth Chapter | अष्टम अध्याय
अष्टावक्र गीता(मूल संस्कृत) अष्टावक्र गीता (हिंदी भावानुवाद) Ashtavakra Gita (English) अष्टावक्र उवाच –तदा बन्धो यदा चित्तंकिन्चिद् वांछति शोचति।किंचिन्…
Ashtavakra Gita | अष्टावक्र गीता – Seventh Chapter | सप्तम अध्याय
अष्टावक्र गीता(मूल संस्कृत) अष्टावक्र गीता (हिंदी भावानुवाद) Ashtavakra Gita (English) जनक उवाच – मय्यनंतमहांभोधौविश्वपोत इतस्ततः।भ्रमति स्वांतवातेन नममास्त्यसहिष्णुता॥७- १॥…
Ashtavakra Gita | अष्टावक्र गीता – Sixth chapter | षष्ठ अध्याय
अष्टावक्र गीता(मूल संस्कृत) अष्टावक्र गीता (हिंदी भावानुवाद) Ashtavakra Gita (English) अष्टावक्र उवाच –आकाशवदनन्तोऽहंघटवत् प्राकृतं जगत्।इति ज्ञानं तथैतस्यन त्यागो…
Ashtavakra Gita | अष्टावक्र गीता – Fifth Chapter | पंचम अध्याय
अष्टावक्र गीता(मूल संस्कृत) अष्टावक्र गीता (हिंदी भावानुवाद) Ashtavakra Gita (English) अष्टावक्र उवाच –न ते संगोऽस्ति केनापिकिं शुद्धस्त्यक्तुमिच्छसि।संघातविलयं कुर्वन्-नेवमेव…
Ashtavakra Gita | अष्टावक्र गीता – Fourth Chapter | चतुर्थ अध्याय
अष्टावक्र गीता(मूल संस्कृत) अष्टावक्र गीता (हिंदी भावानुवाद) Ashtavakra Gita (English) अष्टावक्र उवाच – हन्तात्म ज्ञस्य धीरस्यखेलतो भोगलीलया।न हि…
Ashtavakra Gita | Ashtavakra Samhita
The Ashtavakra Gita, also known as the Ashtavakra Samhita, is a classical Sanskrit scripture. It is a conversation…
Ashtavakra Gita | अष्टावक्र गीता – Third Chapter | तृतीय अध्याय
Ashtavakra Gita – Third Chapter Translation in English अष्टावक्र गीता – तृतीय अध्याय का हिंदी में अनुवाद अष्टावक्र…
Ashtavakra Gita | अष्टावक्र गीता – Second Chapter | द्वितीय अध्याय
अष्टावक्र गीता(मूल संस्कृत) अष्टावक्र गीता (हिंदी भावानुवाद) Ashtavakra Gita (English) जनक उवाच –अहो निरंजनः शान्तोबोधो ऽ हं प्रकृतेः…