Moon Sighting is Crucial: Karwa Chauth Fast Nears its End

चांद के दीदार का महत्व: करवा चौथ व्रत समाप्ति का समय करीब करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं…

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चांद के दीदार का महत्व: करवा चौथ व्रत समाप्ति का समय करीब

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र व्रतों में से एक है। यह व्रत पति-पत्नी के अटूट प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चांद के दीदार के बाद ही अपना व्रत खोलती हैं। चांद का दीदार सिर्फ व्रत तोड़ने की रस्म नहीं है, बल्कि करवा चौथ व्रत का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यही वह पल होता है जिसकी हर महिला पूरे दिन बेसब्री से प्रतीक्षा करती है।

चांद का महत्व: हिन्दू धर्म में चंद्रमा को देवता माना जाता है और इसका विशेष महत्व है। करवा चौथ के दिन चांद को प्रेम, शांति और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यह माना जाता है कि चंद्रमा के दर्शन मात्र से वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और प्रेम बना रहता है। इसीलिए, चांद को देखकर महिलाएं पूजा करती हैं और अपने पति की लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना करती हैं।