पंचांग 5 फरवरी 2025

Short answer

5 फरवरी को दुर्गाष्टमी का व्रत मनाया जाएगा, जो विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस दिन देवी दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व है।इस दिन शुभ कार्य करने के लिए उपयुक्त समय का चयन करना महत्वपूर्ण है, विशेषकर राहुकाल के दौरान कोई भी महत्वपूर्ण कार्य न करें

तिथि और वार:

  • तिथि: शुक्ल पक्ष की अष्टमी
  • वार: बुधवार

नक्षत्र और योग:

  • नक्षत्र: भरणी (रात 8:33 बजे तक)
  • योग: शुक्ल योग (रात 9:19 बजे तक)

सूर्योदय और सूर्यास्त:

यह भी पढ़ें: ललिता त्रिपुरा सुंदरी के मंत्र और उनकी प्रभावशीलता: कैसे मंत्रों का जाप आपकी ज़िंदगी को बदल सकता है।

  • सूर्योदय: सुबह 6:31 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:06 बजे

शुभ और अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त:

  • अमृत काल: सुबह 6:00 से 7:30 बजे
  • शुभ समय: सुबह 9:00 से 10:30 बजे
  • दोपहर लाभ काल: दोपहर 3:00 से 4:30 बजे

अशुभ मुहूर्त:

  • राहुकाल: सुबह 7:30 से 9:00 बजे
  • दिशाशूल: पूर्व एवं आग्नेय दिशा में

विशेष अवसर

5 फरवरी को दुर्गाष्टमी का व्रत मनाया जाएगा, जो विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस दिन देवी दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व है।इस दिन शुभ कार्य करने के लिए उपयुक्त समय का चयन करना महत्वपूर्ण है, विशेषकर राहुकाल के दौरान कोई भी महत्वपूर्ण कार्य न करें

लेखक

ज्योतिष एवं धर्मशास्त्र लेखिका · 20 वर्ष का अनुभव

ज्योतिष, वैदिक कर्मकांड और स्वप्न-शास्त्र पर दो दशकों से लेखन कर रही हैं। दुर्गा सप्तशती, लाल किताब और नाड़ी ज्योतिष पर विशेष अध्ययन। पाठकों के प्रश्नों के आधार पर व्यावहारिक और शास्त्र-सम्मत मार्गदर्शन देती हैं।

  • योग्यता: ज्योतिष आचार्य, संस्कृत स्नातक
  • विशेषज्ञता: वैदिक ज्योतिष, लाल किताब, नाड़ी ज्योतिष, स्वप्न शास्त्र, व्रत एवं कर्मकांड