नाग पंचमी 2026: पूजा विधि, कथा और परंपरा
Short answer
नाग पंचमी श्रावण शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है, जिसमें नाग देवता की पूजा की जाती है। इस दिन नाग प्रतिमा या चित्र पर दूध, लावा और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। जीवित सर्पों को दूध पिलाना उनके लिए हानिकारक है और परंपरा का हिस्सा नहीं है।
नाग पंचमी श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। सनातन परंपरा में नाग को केवल जीव नहीं, बल्कि दैवीय शक्ति का प्रतीक माना गया है।
नागों का धार्मिक स्थान
शेषनाग भगवान विष्णु की शय्या हैं, वासुकि भगवान शिव के कंठहार, और समुद्र मंथन में वासुकि ने ही रस्सी का कार्य किया। कृषि-प्रधान समाज में सर्प को फसल का रक्षक भी माना जाता रहा है, क्योंकि वे खेतों के कृंतकों को नियंत्रित रखते हैं।
अष्ट नागों — अनंत, वासुकि, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वतर और धृतराष्ट्र — की पूजा का विधान मिलता है।
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पूजा विधि
- घर के द्वार पर गोबर या हल्दी से नाग की आकृति बनाई जाती है
- नाग प्रतिमा या चित्र पर दूध, जल और लावा अर्पित किया जाता है
- हल्दी, रोली, चावल और पुष्प चढ़ाए जाते हैं
- सेवईं या खीर का भोग लगाया जाता है
- नाग स्तोत्र या ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जप किया जाता है
एक आवश्यक स्पष्टीकरण
अनेक स्थानों पर जीवित सर्पों को दूध पिलाने की प्रथा देखी जाती है। सर्प स्तनधारी नहीं हैं और दूध पचा नहीं सकते — यह उनके लिए घातक होता है। शास्त्रीय विधान में दूध नाग प्रतिमा पर अर्पित करने का है, जीवित सर्प को पिलाने का नहीं। परंपरा का पालन प्रतिमा पूजन से ही पूर्ण होता है।
क्षेत्रीय परंपराएँ
महाराष्ट्र में इस दिन बत्तीसा और दिंड बनाए जाते हैं, राजस्थान में मिट्टी के नाग की पूजा होती है, दक्षिण भारत में नाग कल्लु (नाग शिला) पर अभिषेक की परंपरा है। कई घरों में इस दिन तवा या कड़ाही का प्रयोग वर्जित माना जाता है।
शुभ मुहूर्त — 17 August 2026
| तिथि | शुक्ल पक्ष — पंचमी |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा |
| सूर्योदय | 05:52 |
| सूर्यास्त | 18:59 |
| राहु काल | 07:30 – 09:09 (इस समय शुभ कार्य टालें) |
| अभिजित मुहूर्त | 11:59 – 12:52 (दिन का सर्वोत्तम मुहूर्त) |
ये समय दिल्ली के लिए गणित हैं और भारतीय मानक समय में दिए गए हैं। अन्य नगरों में सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर रहेगा। विवाह या गृह प्रवेश जैसे संस्कार के लिए स्थानीय पंचांग एवं आचार्य से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नाग पंचमी 2026 में कब है?
श्रावण शुक्ल पंचमी को। सटीक तिथि क्षेत्रीय पंचांग से मिलाएँ, क्योंकि पूर्णिमांत और अमांत गणना में अंतर आ सकता है।
क्या सर्प को दूध पिलाना चाहिए?
नहीं। सर्प दूध नहीं पचा सकते और यह उनके लिए प्राणघातक है। दूध नाग प्रतिमा पर अर्पित करना ही शास्त्र-सम्मत है।
नाग पंचमी पर क्या नहीं करना चाहिए?
परंपरा में इस दिन भूमि खोदने, हल चलाने और लोहे के तवे पर पकाने से बचने का निर्देश है।
किन देवताओं की पूजा होती है?
मुख्यतः अष्ट नाग — अनंत, वासुकि, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वतर और धृतराष्ट्र।





