शीतला अष्टमी के दिन बासी भोजन का भोग क्यों लगाया जाता है, देखिए मुख्य कारण
Short answer
क्या आप भी जानना चाहते हैं की Sheetala Ashtami के दिन बासी भोजन का भोग क्यों लगाया जाता है? नमस्कार दोस्तों! कल यानी 22 मार्च को पूरे देश में Sheetala Ashtami का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।
क्या आप भी जानना चाहते हैं की Sheetala Ashtami के दिन बासी भोजन का भोग क्यों लगाया जाता है? नमस्कार दोस्तों! कल यानी 22 मार्च को पूरे देश में Sheetala Ashtami का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।
- यह त्योहार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है और इसे बसोड़ा के नाम से भी जाना जाता है।
- इस दिन विशेष रूप से शीतला माता की पूजा की जाती है और उन्हें बासी खाने का भोग अर्पित किया जाता है।
- लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस परंपरा के पीछे का कारण क्या है।
इस दिन मिलता है बीमारियों से छुटकारा
- शीतला माता रोगों की देवी मानी जाती हैं, खासतौर पर चेचक, खसरा और आंखों से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए इनकी पूजा की जाती है।
- प्राचीन काल से ही शीतला माता की पूजा लोग लंबे समय से करते हैं आ रहे हैं।
- लेकिन जो आपने कभी सोचा है की इस दिन शीतला माता को बासी खाने का भोग क्यों लगाया जाता है। इसके पीछे एक बहुत बड़ा वैज्ञानिक कारण है।
इस दिन बासी भोजन का भोग क्यों लगाया जाता है
Sheetala Ashtami पर बासी भोजन का भोग लगाने की परंपरा का धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टिकोण से विशेष महत्व है। धार्मिक रूप से यह परंपरा सादगी और संतोष को बढ़ावा देने के लिए मानी जाती है। इस दिन शीतला माता की पूजा की जाती है, और बासी भोजन का प्रसाद चढ़ाया जाता है। इसका उद्देश्य यह है कि व्यक्ति आडंबरों से दूर रहकर जीवन में सरलता और संयम अपनाए तथा भौतिक सुख-साधनों से अधिक आत्मिक शांति पर ध्यान दे।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से क्या कारण है
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो यह पर्व गर्मी के मौसम की शुरुआत में आता है। इस समय शरीर को हल्के और ठंडे भोजन की आवश्यकता होती है। बासी भोजन में प्राकृतिक रूप से ठंडक बनी रहती है।
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Sheetala Ashtami की तिथि
पंचांग के अनुसार इस वर्ष चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 मार्च को सुबह 4:23 बजे से शुरू होगी और 23 मार्च को सुबह 5:23 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार Sheetala Ashtami की पूजा 22 मार्च को होगी, जिसकी पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:23 से शाम 6:33 तक रहेगा। इस दिन श्रद्धालु शीतला माता की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
Sheetala Ashtami मंत्र
शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता।
शीतले त्वं जगद्धात्री शीतलायै नमो नमः।।
ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः
वन्देऽहंशीतलांदेवीं रासभस्थांदिगम्बराम्।
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मार्जनीकलशोपेतां सूर्पालंकृतमस्तकाम्।।
निष्कर्ष
आज आपके यहां पर बताया गया है की Sheetala Ashtami के दिन बासी भोजन का भोग लगाने के पीछे का मुख्य कारण क्या होता है। इसके अलावा आपको त्यौहार की तिथि के बारे में भी जानकारी दी गई है।





