भद्रा काल क्या होता है? 2026 में राखी पर भद्रा क्यों नहीं है
हर साल रक्षाबंधन के आसपास एक शब्द बहुत सुनाई देता है — “भद्रा काल”। बड़े-बुजुर्ग अक्सर कहते हैं कि भद्रा में राखी मत बांधना। लेकिन भद्रा असल में है क्या, और 2026 में यह चर्चा में क्यों नहीं है? आइए पूरी बात सरल भाषा में समझते हैं।
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भद्रा काल क्या होता है?
भद्रा को ज्योतिष में विष्टि करण भी कहा जाता है। यह पंचांग के पांच प्रमुख अंगों (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) में से करण का ही एक भाग है। मान्यता है कि भद्रा के दौरान किए गए शुभ कार्य फलदायी नहीं होते, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश और राखी बांधने जैसे शुभ कार्यों में भद्रा को टालने की सलाह दी जाती है।
पौराणिक कथा के अनुसार भद्रा सूर्यदेव और उनकी पत्नी छाया की पुत्री हैं, और स्वभाव से बहुत उग्र मानी जाती हैं — इसी वजह से उनके समय में शुभ कार्य करने से बचा जाता है।
भद्रा और राखी का संबंध क्यों बना?
यह मान्यता है कि रावण की बहन ने उसे भद्रा काल में राखी बांधी थी, जिसके ठीक एक साल बाद रावण का पूरे परिवार सहित विनाश हो गया। इसी पौराणिक संदर्भ की वजह से भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ माना जाने लगा और यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है।
भद्रा काल का समय पूर्णिमा तिथि के पहले हिस्से में क्यों आता है?
पंचांग के अनुसार भद्रा आमतौर पर पूर्णिमा तिथि के शुरुआती हिस्से में ही सक्रिय रहती है, इसलिए ज्यादातर सालों में लोगों को भद्रा खत्म होने का इंतजार करना पड़ता है, और तभी राखी बांधने का मुहूर्त शुरू होता है।
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2026 में भद्रा क्यों नहीं है?
इस साल राहत की बात यह है कि श्रावण पूर्णिमा तिथि की भद्रा 27 अगस्त को ही, सूर्योदय से पहले, समाप्त हो जाती है। चूंकि रक्षाबंधन का उत्सव 28 अगस्त को मनाया जाएगा, इसलिए इस साल भद्रा राखी के मुख्य दिन को छूती ही नहीं है। नतीजा यह है कि 28 अगस्त की पूरी सुबह — 5:57 बजे से 9:48 बजे तक — बिना किसी बाधा के शुभ मानी जा रही है।
इस साल का फायदा कैसे उठाएं
चूंकि भद्रा की कोई पाबंदी नहीं है, परिवार अपनी सुविधा के अनुसार सुबह किसी भी समय राखी की रस्म पूरी कर सकते हैं, बिना घड़ी देखकर जल्दबाजी किए। यह उन परिवारों के लिए खासतौर पर राहत की बात है जो हर साल भद्रा खत्म होने का इंतजार करते हुए तनाव में रहते थे।
निष्कर्ष
भद्रा काल एक पारंपरिक ज्योतिषीय अवधारणा है जिसे शुभ कार्यों में टाला जाता है, लेकिन 2026 में रक्षाबंधन के दिन यह बाधा मौजूद नहीं है — जिससे यह साल राखी बांधने के लिए खास और तनावमुक्त बन गया है।
FAQs
भद्रा काल में राखी क्यों नहीं बांधी जाती?
पौराणिक मान्यता है कि भद्रा काल में किए गए शुभ कार्य अशुभ फल देते हैं, इसलिए इस दौरान राखी बांधने से बचा जाता है।
भद्रा काल किस पंचांग अंग से जुड़ा है?
भद्रा, पंचांग के “करण” नामक अंग का एक भाग है, जिसे विष्टि करण भी कहा जाता है।
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2026 में रक्षाबंधन पर भद्रा क्यों नहीं है?
इस साल भद्रा 27 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाती है, जबकि रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा, इसलिए भद्रा राखी के दिन को छूती नहीं है।
क्या भद्रा हर साल एक जैसे समय पर आती है?
नहीं, भद्रा का समय हर साल पंचांग की गणना के अनुसार बदलता रहता है।
क्या भद्रा न होने से मुहूर्त की खिड़की बड़ी हो जाती है?
हां, 2026 में भद्रा न होने की वजह से पूरी सुबह (5:57 से 9:48 बजे तक) बिना रुकावट शुभ मानी जा रही है।





