भारत का सबसे पुराना ईंटों वाला मंदिर — गुप्तकालीन ये इमारत आज भी है सुरक्षित
भितरगांव मंदिर कानपुर नगर में स्थित भारत का सबसे पुराना बचा हुआ टेराकोटा (ईंट से निर्मित) मंदिर माना जाता है। इस मंदिर की प्राचीन वॉल्टेड मेहराबदार छत आज भी सुरक्षित अवस्था में मौजूद है।
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मंदिर की जानकारी
| जानकारी | विवरण |
| स्थान | भितरगांव, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश |
| देवता | भगवान विष्णु / शिव |
| श्रेणी | गुप्तकालीन टेराकोटा अजूबा |
| कैसे पहुंचें | कानपुर सेंट्रल (40 किमी) |
भितरगांव मंदिर को भारत का सबसे पुराना ईंट मंदिर क्यों कहा जाता है?
भितरगांव मंदिर भारत में आज भी बचा हुआ सबसे पुराना टेराकोटा मंदिर माना जाता है, गुप्तकालीन स्थापत्य कला का जीवंत उदाहरण।

इस मंदिर की वॉल्टेड मेहराबदार छत क्यों खास है?
यह वास्तुकला भारतीय मंदिर निर्माण में दुर्लभ विशेषता है, इतिहासकारों के लिए विशेष रुचि का विषय।

यहां की खासियत
- भारत का सबसे पुराना बचा हुआ टेराकोटा (ईंट) मंदिर
- प्राचीन वॉल्टेड मेहराबदार छत
- गुप्तकालीन कला और वास्तुकला की जीवंत मिसाल
[दर्शन–समय, ASI संरक्षण–स्थिति की specific जानकारी अभी उपलब्ध नहीं — verify करके जोड़ा जाए।]
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यह जानकारी लोक मान्यता/परंपरा पर आधारित है।
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FAQ
भितरगांव मंदिर किसे समर्पित है?
यह मंदिर भगवान विष्णु/शिव को समर्पित है।
भितरगांव मंदिर को भारत का सबसे पुराना ईंट मंदिर क्यों कहा जाता है?
यह भारत में बचा हुआ सबसे पुराना टेराकोटा मंदिर माना जाता है।
भितरगांव मंदिर तक कैसे पहुंचें?
कानपुर सेंट्रल से लगभग 40 किमी दूर स्थित है।





