वाराणसी का इकलौता मुगल-पूर्व पत्थर मंदिर जो आज भी है सुरक्षित — 12वीं सदी की ये धरोहर देखें

कर्दमेश्वर महादेव मंदिर वाराणसी (कंडवा) के बाहरी इलाके में स्थित 12वीं सदी का एक दुर्लभ हेरिटेज मंदिर है। यह मंदिर वाराणसी शहर के आसपास के क्षेत्र में बचा हुआ इकलौता मुगल-पूर्व पत्थर से निर्मित संरचनात्मक मंदिर माना जाता है, जो इसे ऐतिहासिक और स्थापत्य दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है।

मंदिर की जानकारी

जानकारीविवरण
स्थानकंडवा, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
देवताभगवान शिव
श्रेणीधरोहर स्मारक, 12वीं सदी (Heritage Monument, 12th Century)
कैसे पहुंचेंवाराणसी जंक्शन (7 किमी)

कर्दमेश्वर महादेव मंदिर को मुगल–पूर्व का इकलौता पत्थर मंदिर क्यों माना जाता है?

कर्दमेश्वर महादेव मंदिर को वाराणसी शहर के बाहरी इलाकों में बचा हुआ इकलौता मुगल-पूर्व संरचनात्मक पत्थर मंदिर माना जाता है। यह दुर्लभता इस मंदिर को वाराणसी के धार्मिक इतिहास की एक अनमोल कड़ी बनाती है, जो सदियों के बदलाव के बावजूद आज भी खड़ी है।

वाराणसी का इकलौता मुगल-पूर्व पत्थर मंदिर जो आज भी है सुरक्षित — 12वीं सदी की ये धरोहर देखें

12वीं सदी का यह मंदिर आज भी कैसे सुरक्षित है?

12वीं सदी में निर्मित यह मंदिर अपनी मूल संरचना और शिल्पकला के साथ आज भी संरक्षित है। इतने पुराने पत्थर मंदिर का इस स्थिति में बचे रहना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिससे यह मंदिर वास्तुकला-प्रेमियों और श्रद्धालुओं दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

वाराणसी का इकलौता मुगल-पूर्व पत्थर मंदिर जो आज भी है सुरक्षित — 12वीं सदी की ये धरोहर देखें - चित्र 2

यहां की खासियत

  • वाराणसी के बाहरी इलाकों में बचा हुआ इकलौता मुगल-पूर्व संरचनात्मक पत्थर मंदिर
  • 12वीं सदी में निर्मित, आज भी संरक्षित अवस्था में मौजूद
  • ऐतिहासिक और स्थापत्य दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर स्थल

[दर्शन–समय, संरक्षण–स्थिति (ASI monument) से जुड़ी specific जानकारी अभी उपलब्ध data में confirm नहीं है — यह verify करके ही जोड़ा जाए।]

आस–पास के अन्य मंदिर

यह जानकारी लोक मान्यता/परंपरा पर आधारित है।

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FAQ

कर्दमेश्वर महादेव मंदिर किसे समर्पित है?

यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।

यह मंदिर कितना पुराना है?

यह मंदिर 12वीं सदी में निर्मित माना जाता है, और वाराणसी के बाहरी इलाकों में बचा हुआ इकलौता मुगल-पूर्व पत्थर मंदिर है।

कर्दमेश्वर महादेव मंदिर तक कैसे पहुंचें?

वाराणसी जंक्शन से लगभग 7 किमी की दूरी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।

लेखक

ज्योतिष एवं धर्मशास्त्र लेखिका · 20 वर्ष का अनुभव

ज्योतिष, वैदिक कर्मकांड और स्वप्न-शास्त्र पर दो दशकों से लेखन कर रही हैं। दुर्गा सप्तशती, लाल किताब और नाड़ी ज्योतिष पर विशेष अध्ययन। पाठकों के प्रश्नों के आधार पर व्यावहारिक और शास्त्र-सम्मत मार्गदर्शन देती हैं।

  • योग्यता: ज्योतिष आचार्य, संस्कृत स्नातक
  • विशेषज्ञता: वैदिक ज्योतिष, लाल किताब, नाड़ी ज्योतिष, स्वप्न शास्त्र, व्रत एवं कर्मकांड