लक्ष्मण के पुत्र से जुड़ी है इस मंदिर की कहानी — लखनऊ के पास छिपा है ये रहस्य
चंद्रिका देवी मंदिर लखनऊ (कठवारा) के पास स्थित माँ चंद्रिका देवी को समर्पित एक ऐतिहासिक सिद्ध पीठ है। मान्यता है कि इस मंदिर का संबंध लक्ष्मण के पुत्र चंद्रकेतु और महाभारत के एकलव्य से भी जुड़ा हुआ है, जिससे यह मंदिर रामायण और महाभारत दोनों की गाथाओं से जुड़ा एक अनोखा तीर्थ स्थल बन जाता है।
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मंदिर की जानकारी
| जानकारी | विवरण |
| स्थान | कठवारा, लखनऊ, उत्तर प्रदेश |
| देवता | माँ चंद्रिका देवी |
| श्रेणी | सिद्ध पीठ / स्थानीय देवी (Siddha Peeth / Local Devi) |
| कैसे पहुंचें | लखनऊ चारबाग (28 किमी) |
चंद्रिका देवी मंदिर का लक्ष्मण के पुत्र चंद्रकेतु से क्या संबंध है?
मान्यता है कि चंद्रिका देवी मंदिर का संबंध भगवान लक्ष्मण के पुत्र चंद्रकेतु से जुड़ा हुआ है। इसी ऐतिहासिक-पौराणिक जुड़ाव के कारण यह मंदिर रामायण काल की एक महत्वपूर्ण धरोहर के रूप में देखा जाता है।

इस मंदिर का एकलव्य से क्या नाता है?
इस मंदिर का संबंध महाभारत के प्रसिद्ध पात्र एकलव्य से भी जोड़ा जाता है। यही वजह है कि चंद्रिका देवी मंदिर सिर्फ एक सिद्ध पीठ ही नहीं, बल्कि रामायण और महाभारत दोनों महाकाव्यों की कथाओं से जुड़ा एक अनोखा ऐतिहासिक स्थल भी माना जाता है।

यहां की खासियत
- मान्यता है कि इसका संबंध लक्ष्मण के पुत्र चंद्रकेतु से जुड़ा है
- महाभारत के प्रसिद्ध पात्र एकलव्य से भी जुड़ाव माना जाता है
- लखनऊ के पास स्थित एक ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाली सिद्ध पीठ
[दर्शन–समय और पूजा–विधि से जुड़ी specific जानकारी अभी उपलब्ध data में नहीं है — यह section मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद जोड़ा जाए।]
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यह जानकारी लोक मान्यता/परंपरा पर आधारित है।
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FAQ
चंद्रिका देवी मंदिर किसे समर्पित है?
यह मंदिर माँ चंद्रिका देवी को समर्पित है।
चंद्रिका देवी मंदिर का लक्ष्मण के पुत्र से क्या संबंध है?
मान्यता है कि इस मंदिर का संबंध लक्ष्मण के पुत्र चंद्रकेतु से जुड़ा हुआ है।
चंद्रिका देवी मंदिर तक कैसे पहुंचें?
लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन से लगभग 28 किमी की दूरी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।





