धनतेरस 2026: पूजा विधि, खरीदारी और यमदीप की परंपरा
Short answer
धनतेरस कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाता है — 2026 में 7 नवंबर, शनिवार को। इस दिन भगवान धन्वंतरि, कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा होती है। धातु खरीदने और संध्या को यमराज के नाम दक्षिण दिशा में दीप जलाने की परंपरा है।
धनतेरस से दीपावली पर्व का आरंभ होता है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है — 2026 में 7 नवंबर, शनिवार को।
धन्वंतरि जयंती
पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। वे आयुर्वेद के जनक और देवताओं के वैद्य माने जाते हैं।
इसी कारण धनतेरस को धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है और आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। मूल भाव धन नहीं, आरोग्य है — यह बात प्रायः भुला दी जाती है।
यह भी पढ़ें: A Holistic Approach to Health, Harmony, and Spiritual Growth
खरीदारी की परंपरा
इस दिन धातु खरीदना शुभ माना जाता है — विशेषकर चाँदी, सोना, पीतल और स्टील के बर्तन। मान्यता है कि इस दिन खरीदी वस्तु में तेरह गुना वृद्धि होती है।
झाड़ू खरीदना भी शुभ माना जाता है, क्योंकि उसे दरिद्रता हटाने का प्रतीक माना गया है।
परंपरा में लोहा और काँच खरीदने से बचने का निर्देश मिलता है। ध्यान रहे — यह परंपरा है, आवश्यकता नहीं। शास्त्र में ऋण लेकर खरीदारी का कोई विधान नहीं है।
पूजा विधि
- संध्या को प्रदोष काल में पूजा करें
- भगवान धन्वंतरि, कुबेर और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें
- नई खरीदी वस्तु को पूजा स्थल पर रखें
- धनिया के बीज अर्पित करने की परंपरा है
- घी का दीप जलाकर आरती करें
यमदीप
धनतेरस की सबसे विशिष्ट और सबसे कम जानी जाने वाली परंपरा यमदीप है। संध्या को घर के मुख्य द्वार पर, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके आटे का दीपक जलाया जाता है।
कथा के अनुसार यह दीप यमराज के नाम जलाया जाता है, ताकि परिवार में अकाल मृत्यु न हो। यह वर्ष का एकमात्र अवसर है जब दक्षिण दिशा में दीप जलाया जाता है — शेष अवसरों पर यह टाला जाता है।
यह भी पढ़ें: 2025 Dussehra Puja Timings: Plan Your Celebrations Accordingly
राजा हिम की कथा
कथा है कि राजा हिम के पुत्र की कुंडली में विवाह के चौथे दिन सर्पदंश से मृत्यु का योग था। उसकी नववधू ने उस रात सोने-चाँदी के आभूषण द्वार पर ढेर कर दिए और दीप जलाकर कथा-गीत गाती रही।
यमराज सर्प रूप में आए, किंतु आभूषणों की चमक से उनकी आँखें चौंधिया गईं और वे रातभर कथा सुनते रह गए। प्रातः लौट गए — राजकुमार की प्राण-रक्षा हो गई।
यही कथा धनतेरस पर दीप जलाने और आभूषण खरीदने की परंपरा से जोड़ी जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
धनतेरस 2026 में कब है?
7 नवंबर 2026, शनिवार को। यह कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाता है।
धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?
चाँदी, सोना, पीतल या स्टील के बर्तन और झाड़ू शुभ माने जाते हैं। लोहा और काँच खरीदने से बचने की परंपरा है।
यमदीप क्या है?
संध्या को मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर आटे का दीप जलाना, जो यमराज के नाम अर्पित किया जाता है। यह वर्ष का एकमात्र अवसर है जब दक्षिण दिशा में दीप जलाया जाता है।
धनतेरस पर किसकी पूजा होती है?
भगवान धन्वंतरि, कुबेर और माता लक्ष्मी की। धन्वंतरि आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं, इसलिए मूल भाव आरोग्य है।





