10 जुलाई से आषाढ़ पूर्णिमा पर करें यह उपाय, मिलेगा भरपूर लाभ

10 जुलाई से आषाढ़ पूर्णिमा पर करें यह उपाय, मिलेगा भरपूर लाभ

Short answer

किस तारीख से है आषाढ़ पूर्णिमा Ashadha Purnima की शुरुआत और इस दिन कौन-कौन से उपाय किए जाएं? आषाढ़ पूर्णिमा Ashadha Purnima की शुरुआत 10 जुलाई 2025 को देर रात 01:36 बजे से होगी और इसका समापन 11 जुलाई को रात 02:06 बजे होगा।

किस तारीख से है आषाढ़ पूर्णिमा Ashadha Purnima की शुरुआत और इस दिन कौन-कौन से उपाय किए जाएं? आषाढ़ पूर्णिमा Ashadha Purnima की शुरुआत 10 जुलाई 2025 को देर रात 01:36 बजे से होगी और इसका समापन 11 जुलाई को रात 02:06 बजे होगा। 

  • ऐसे में आषाढ़ पूर्णिमा Ashadha Purnima का पर्व 10 जुलाई को मनाया जाएगा। 
  • यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन माना जाता है। 
  • विशेष रूप से देवी लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन किए गए उपाय अत्यंत फलदायक माने जाते है।

आषाढ़ पूर्णिमा Ashadha Purnima पर इन सभी उपाय को जरूर करें

  • श्री यंत्र का पूजन करें:- इस दिन सुबह श्री यंत्र को लाल कपड़े पर स्थापित करें। उसे गंगाजल, दूध और शहद से शुद्ध करें। फिर कमलगट्टे की माला से “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। यह उपाय मां लक्ष्मी जी को प्रसन्न करता है।
  • लक्ष्मी-नारायण जी की संयुक्त पूजा करें:- भगवान विष्णु जी और माता लक्ष्मी जी की एक साथ पूजा करें। पीले और लाल फूल चढ़ाएं, पंचामृत से स्नान कराएं और तिल के तेल का दीपक जलाएं। इससे सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में संतुलन आता है।
  • पूर्णिमा व्रत रखें और चंद्रमा को अर्घ्य दें:- व्रत रखकर रात्रि में चंद्रमा को दूध, जल, शक्कर और चावल मिलाकर अर्घ्य दें। यह मानसिक शांति और आर्थिक संकटों से छुटकारा दिलाता है।
  • पीपल के वृक्ष पर दीपक जलाएं:- संध्या के समय पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करते हुए सात बार परिक्रमा करें। यह पितृ दोष दूर करता है और मां लक्ष्मी जी की कृपा दिलाता है।
  • कन्या या ब्राह्मण को दान दें:- इस दिन सिंदूर, पीली दाल, वस्त्र, मिठाई और घी किसी कन्या या ब्राह्मण को दान करें। यह पुण्यकारी उपाय है और लक्ष्मी प्राप्ति का मार्ग खोलता है।
  • कौड़ी और कमलगट्टा रखें तिजोरी में:- रात्रि में 7 पीली कौड़ियों और 3 कमलगट्टों का पूजन करें और उन्हें लक्ष्मी मंत्र के साथ तिजोरी में रखें। इससे स्थायी धन लाभ होता है।
  • नई झाड़ू लाकर लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें:- घर की साफ-सफाई करके नई झाड़ू लाएं और पुरानी झाड़ू को श्रद्धापूर्वक हटा दें। फिर शाम को श्री लक्ष्मी स्तोत्र या श्री सूक्त का पाठ करें। इससे मां लक्ष्मी जी का वास घर में बना रहता है।

निष्कर्ष

तो दोस्तों, यहां पर आपको बताया गया है की आषाढ़ पूर्णिमा Ashadha Purnima साल 2025 में किस दिन है। इसके अलावा हमें इस दिन कौन-कौन से उपाय करना चाहिए इसके बारे में भी आपको बताया गया है।