संगम किनारे अनोखी मुद्रा में विराजमान हैं हनुमान जी — जानिए क्यों लेटे हैं बजरंगबली

हनुमान मंदिर (बड़े हनुमानजी) प्रयागराज में पवित्र संगम के तट पर स्थित एक प्रतिष्ठित मंदिर है, जो भगवान हनुमान की प्रसिद्ध लेटी हुई (लेटे हुए) मूर्ति के लिए जाना जाता है। संगम किनारे स्थित यह अनोखी मुद्रा वाली प्रतिमा श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र है, और यहां दर्शन के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं।

मंदिर की जानकारी

जानकारीविवरण
स्थानसंगम, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
देवताभगवान हनुमान (लेटी हुई मुद्रा में)
श्रेणीप्रतिष्ठित पवित्र स्थल (Iconic Sacred Shrine)
कैसे पहुंचेंप्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन / प्रयागराज एयरपोर्ट (IXD)

बड़े हनुमान मंदिर की मूर्ति लेटी हुई मुद्रा में क्यों है?

बड़े हनुमानजी मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां भगवान हनुमान की मूर्ति परंपरागत खड़ी या बैठी मुद्रा के बजाय लेटी हुई (लेटे हुए) मुद्रा में स्थापित है। यह अनोखी प्रतिमा इस मंदिर को देश के बाकी हनुमान मंदिरों से अलग पहचान देती है, और यही वजह है कि यह श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है।

यह मंदिर संगम किनारे इतना खास क्यों माना जाता है?

यह मंदिर पवित्र संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम स्थल) के ठीक किनारे स्थित है, जो इसे एक विशेष धार्मिक महत्व देता है। संगम स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालु अक्सर यहां हनुमान जी के दर्शन के लिए भी रुकते हैं, जिससे यह मंदिर प्रयागराज के सबसे प्रमुख पवित्र स्थलों में गिना जाता है।

यहां की खासियत

  • भगवान हनुमान की प्रसिद्ध लेटी हुई (लेटे हुए) मुद्रा वाली मूर्ति, जो देश में विरले ही देखने को मिलती है
  • पवित्र संगम तट पर स्थित, जिससे धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है
  • संगम स्नान के साथ-साथ श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए भी आते हैं

[दर्शनसमय और पूजाविधि से जुड़ी specific जानकारी अभी उपलब्ध data में नहीं है — यह section मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद जोड़ा जाए।]

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FAQ

यह जानकारी लोक मान्यता/परंपरा पर आधारित है।

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बड़े हनुमान मंदिर की मूर्ति की क्या खासियत है?

यहां भगवान हनुमान की मूर्ति परंपरागत मुद्रा के बजाय लेटी हुई (लेटे हुए) मुद्रा में स्थापित है, जो इसे अनोखा बनाती है।

यह मंदिर कहां स्थित है?

यह मंदिर प्रयागराज में पवित्र संगम (गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम) के किनारे स्थित है।

बड़े हनुमान मंदिर तक कैसे पहुंचें?

प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन या प्रयागराज एयरपोर्ट (IXD) से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।

लेखक

ज्योतिष एवं धर्मशास्त्र लेखिका · 20 वर्ष का अनुभव

ज्योतिष, वैदिक कर्मकांड और स्वप्न-शास्त्र पर दो दशकों से लेखन कर रही हैं। दुर्गा सप्तशती, लाल किताब और नाड़ी ज्योतिष पर विशेष अध्ययन। पाठकों के प्रश्नों के आधार पर व्यावहारिक और शास्त्र-सम्मत मार्गदर्शन देती हैं।

  • योग्यता: ज्योतिष आचार्य, संस्कृत स्नातक
  • विशेषज्ञता: वैदिक ज्योतिष, लाल किताब, नाड़ी ज्योतिष, स्वप्न शास्त्र, व्रत एवं कर्मकांड