गंगा के मैदानी इलाके में छिपे 108 शिवलिंगों में से एक — बदायूं का ये मंदिर कम लोग जानते हैं
गंगा के मैदानी क्षेत्र में कई ऐसे प्राचीन धार्मिक स्थल हैं, जो स्थानीय आस्था और परंपराओं के कारण विशेष महत्व रखते हैं। कोटेश्वर महादेव मंदिर, बदायूं भी ऐसा ही एक शिव तीर्थ है। भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर को स्थानीय धार्मिक मान्यता में गंगा के मैदानी क्षेत्र के 108 पवित्र शिवलिंगों में से एक माना जाता है।
बदायूं और आसपास के क्षेत्रों में भगवान शिव की पूजा की पुरानी परंपरा रही है। इसी धार्मिक परंपरा से कोटेश्वर महादेव का नाम भी जुड़ा हुआ है। मंदिर उन श्रद्धालुओं के लिए खास हो सकता है, जो प्रसिद्ध मंदिरों के साथ-साथ कम-ज्ञात और स्थानीय धार्मिक स्थलों को भी देखना चाहते हैं।
Table of Contents
मंदिर की जानकारी
| जानकारी | विवरण |
| स्थान | बदायूं, उत्तर प्रदेश |
| देवता | भगवान शिव |
| श्रेणी | प्राचीन तीर्थ |
| कैसे पहुंचें | बदायूं जंक्शन |
कोटेश्वर महादेव को 108 शिवलिंगों में से एक क्यों माना जाता है?
यह मंदिर गंगा मैदानी क्षेत्र के 108 शिवलिंगों की शृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस क्षेत्र में शिवलिंगों की यह परंपरा क्यों खास है?

यह परंपरा क्षेत्र के धार्मिक इतिहास की गहराई दर्शाती है।
यहां की खासियत
- गंगा मैदानी क्षेत्र के 108 पवित्र शिवलिंगों में से एक
- बदायूं का प्राचीन और कम-ज्ञात शिव तीर्थ
- क्षेत्रीय शिव-भक्ति परंपरा का हिस्सा
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आस–पास के अन्य मंदिर
यह जानकारी लोक मान्यता/परंपरा पर आधारित है।
FAQ
कोटेश्वर महादेव मंदिर किसे समर्पित है
भगवान शिव को।
108 शिवलिंगों में से एक क्यों माना जाता है?
गंगा मैदानी क्षेत्र के 108 पवित्र शिवलिंगों में से एक।
कोटेश्वर महादेव मंदिर कैसे पहुंचें?
बदायूं जंक्शन से।





