तुलसीदास ने बनवाया था ये मंदिर, आज भी यहां मिलता है मशहूर बेसन लड्डू प्रसाद
संकट मोचन हनुमान मंदिर वाराणसी में स्थित भगवान हनुमान का एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व वाला मंदिर है, जिसकी स्थापना रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने की थी। यह मंदिर अपने मशहूर बेसन लड्डू प्रसाद के लिए भी खासतौर पर जाना जाता है, जिसे लेने के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से यहां आते हैं।
मंदिर की जानकारी
| जानकारी | विवरण |
| स्थान | वाराणसी, उत्तर प्रदेश |
| देवता | भगवान हनुमान |
| श्रेणी | ऐतिहासिक / आध्यात्मिक (Historic / Spiritual) |
| कैसे पहुंचें | वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन / वाराणसी एयरपोर्ट (VNS) |
संकट मोचन हनुमान मंदिर की स्थापना किसने की थी?
संकट मोचन हनुमान मंदिर की स्थापना गोस्वामी तुलसीदास ने की थी, जो रामचरितमानस के रचयिता के रूप में प्रसिद्ध हैं। तुलसीदास जी भगवान हनुमान के परम भक्त माने जाते हैं, और यही वजह है कि यह मंदिर उनकी भक्ति-परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है।
संकट मोचन मंदिर का प्रसाद इतना खास क्यों माना जाता है?
संकट मोचन हनुमान मंदिर अपने बेसन के लड्डू प्रसाद के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। श्रद्धालु यहां दर्शन के साथ-साथ यह खास प्रसाद ग्रहण करने भी आते हैं, जो मंदिर की पहचान का एक अहम हिस्सा बन चुका है।

यहां की खासियत
- रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित, ऐतिहासिक महत्व वाला मंदिर
- बेसन के लड्डू प्रसाद के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध
- वाराणसी के सबसे श्रद्धेय हनुमान मंदिरों में से एक
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यह जानकारी लोक मान्यता/परंपरा पर आधारित है।
FAQ
संकट मोचन हनुमान मंदिर की स्थापना किसने की थी?
इस मंदिर की स्थापना गोस्वामी तुलसीदास ने की थी, जो रामचरितमानस के रचयिता हैं।
संकट मोचन मंदिर किस प्रसाद के लिए प्रसिद्ध है?
यह मंदिर अपने बेसन के लड्डू प्रसाद के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।
संकट मोचन हनुमान मंदिर तक कैसे पहुंचें?
वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन या वाराणसी एयरपोर्ट (VNS) से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।





