144 वर्ष का महाकुंभ: एक आध्यात्मिक रहस्य और अद्वितीय संयोग

144 वर्ष का महाकुंभ क्या है? प्रश्न: महाकुंभ तो हर 12 साल में होता है, फिर यह 144…

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144 वर्ष का महाकुंभ क्या है?

प्रश्न: महाकुंभ तो हर 12 साल में होता है, फिर यह 144 वर्ष का महाकुंभ क्या है?
उत्तर: महाकुंभ भारत का सबसे पवित्र और दिव्य उत्सव है, जो हर 12 वर्षों में चार प्रमुख स्थानों (प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक) पर आयोजित होता है। लेकिन 144 वर्षों में एक ऐसा संयोग बनता है जिसे “महान महाकुंभ” कहा जाता है। यह तब होता है जब सभी प्रमुख ग्रह, विशेष रूप से गुरु और सूर्य, एक विशिष्ट ज्योतिषीय स्थिति में आते हैं। यह संयोग आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।


महाकुंभ का महत्व

प्रश्न: महाकुंभ का आध्यात्मिक महत्व क्या है?
उत्तर: महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, यह एक आध्यात्मिक यात्रा है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान अमृत की कुछ बूंदें चार पवित्र स्थानों पर गिरी थीं। यही कारण है कि इन स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है।