- कई बार मन में नकारात्मक विचार इस कदर हावी हो जाते है की व्यक्ति Person घर से बाहर निकलने से भी डरने लगता है।
- मन में भय और चिंता का वातावरण बन जाता है और इंसान Person न तो ठीक से कार्य कर पाता है और न ही अपने जीवन का आनंद ले पाता है।
इसका एक बहुत ही साधारण सा हाल है
- अगर आप भी ऐसे विचारों से घिरे रहते है और हर समय किसी अनहोनी का डर सताता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।
- इसका एक आसान और प्रभावी समाधान है ईश्वर जी के प्रिय भक्तों का स्मरण।
- जब कभी आप घर से बाहर निकलें, तो आप कुछ शुभ नामों का उच्चारण कर सकते है जैसे “हरिवंश महाप्रभु की जय”, “हरिदास जी की जय”, “हरिराम व्यास जी की जय”, “रूप जी की जय” और “सनातन जी की जय”।
- शास्त्रों और संतों की मान्यता है की भगवान जी के भक्तों का स्मरण करना, स्वयं भगवान जी के नाम का स्मरण करने से भी अधिक प्रभावशाली होता है।
- भक्तों ने अपने जीवन में ऐसी साधना की होती है की उनका नाम लेते ही सकारात्मक ऊर्जा हमारे चारों ओर फैल जाती है।
इन महान संतों ने अपना जीवन भगवान जी के नाम कर दिया था
हरिवंश महाप्रभु, हरिदास जी, हरिराम व्यास जी, रूप गोस्वामी जी और सनातन गोस्वामी जी जैसे महान संतों ने अपने जीवन को प्रभु जी की भक्ति में समर्पित कर दिया था। इनका नाम लेने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि हमारे आस-पास एक सुरक्षा कवच भी बन जाता है।
जब भी आप घर से किसी जरूरी कार्य के लिए निकलें या किसी अनजान स्थान की यात्रा करें, तो इन संतों का स्मरण जरूर करें। यह न केवल आपको मानसिक बल देगा, बल्कि ईश्वर जी की कृपा भी आपके साथ बनी रहेगी।
स्मरण करने से मन में सकारात्मक ऊर्जा आती है
आध्यात्मिक शक्ति का असर वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं हो सकता, लेकिन अनुभव से यह देखा गया है की ऐसे स्मरण से मन में सकारात्मक भाव आते है और भय दूर हो जाता है।
निष्कर्ष
तो दोस्तों, अगली बार जब भी आप घर से निकलें, तो इन भक्तों का नाम लेकर निकलें और देखें कैसे आपके भीतर आत्मविश्वास और सुरक्षा का भाव स्वतः ही जागृत हो जाता है।