मौनी अमावस्या 2025: 144 साल बाद महाकुंभ में दुर्लभ योग, पितृदोष दूर करने के लिए करें ये उपाय

मौनी अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। यह तिथि न केवल आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण…

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मौनी अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। यह तिथि न केवल आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, बल्कि जीवन के विभिन्न कष्टों और दोषों को दूर करने के लिए भी उपयुक्त मानी जाती है। वर्ष 2025 में यह पर्व और भी विशेष बन जाता है क्योंकि 144 वर्षों के बाद महाकुंभ के दौरान दुर्लभ योग का संयोग बन रहा है। इस दिन का महत्व और इससे जुड़े उपाय जानने के लिए यह लेख प्रस्तुत है।

मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व

मौनी अमावस्या का अर्थ है मौन रहने की अमावस्या। यह दिन ध्यान, साधना और आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत उपयुक्त है। माना जाता है कि इस दिन मौन व्रत रखने और पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। गंगा, यमुना, और त्रिवेणी संगम जैसे तीर्थ स्थानों पर स्नान करना विशेष पुण्यदायी माना गया है।