सिर्फ एक व्रत और भगवान की अनंत कृपा: षटतिला एकादशी

षटतिला एकादशी का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। यह एकादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष में आती…

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षटतिला एकादशी का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। यह एकादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष में आती है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। शास्त्रों में इसे ‘षटतिला एकादशी’ नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि इस व्रत में तिल का छह प्रकार से उपयोग होता है। ये उपयोग तिल के सेवन, दान, स्नान, उबटन, हवन और पूजन में होते हैं। इस एकादशी को करने से मनुष्य के पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

षटतिला एकादशी का महत्व

षटतिला एकादशी को पवित्रता और मोक्ष प्रदान करने वाला व्रत माना गया है। यह व्रत केवल शरीर को शुद्ध करता है, बल्कि आत्मा को भी पवित्रता प्रदान करता है। इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य को सांसारिक बंधनों से मुक्ति मिलती है। विशेष रूप से जो व्यक्ति दरिद्रता, रोग या मानसिक कष्ट से पीड़ित हैं, उनके लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी है।