सकट चौथ पर गणेश जी की यह कथा:

सकट चौथ का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे संकट हरण चौथ,…

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सकट चौथ का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे संकट हरण चौथ, वक्रतुंडी चतुर्थी या तिलकुट चौथ के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन भगवान गणेश और माता संकटा को समर्पित है। सकट चौथ के व्रत के दौरान भगवान गणेश की पूजा विशेष विधि-विधान से की जाती है, और उनकी कथा सुनने का विशेष महत्व है। इस कथा को सुनने से जीवन के सभी कष्ट समाप्त होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का वरदान मिलता है। आइए, विस्तार से जानते हैं गणेश जी की कथा और इससे मिलने वाला संदेश।


सकट चौथ की कथा

कथा का प्रारंभ

प्राचीन काल में एक ब्राह्मण और ब्राह्मणी अपने पुत्र के साथ एक छोटे से गाँव में रहते थे। ब्राह्मणी अत्यंत धार्मिक और भगवान गणेश की अनन्य भक्त थी। वह हर चौथ को व्रत रखती और भगवान गणेश की पूजा करती।