महाकुंभ 2025: कौन-कौन से ग्रह नक्षत्रों का अद्भुत संयोग बन रहा है?

2025 का महाकुंभ: क्या इसे खास बनाता है? महाकुंभ 2025 में एक ऐसा खगोलीय संयोग बनने जा रहा…

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2025 का महाकुंभ: क्या इसे खास बनाता है?

महाकुंभ 2025 में एक ऐसा खगोलीय संयोग बनने जा रहा है, जो आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और खगोल विज्ञान के दृष्टिकोण से बेहद दुर्लभ है। ग्रहों और नक्षत्रों का यह मेल केवल महाकुंभ को विशेष नहीं बनाता, बल्कि इसे इतिहास के पन्नों में अमिट छाप देने वाला क्षण बनाता है। आइए, इस लेख में हम इस विषय पर चर्चा करें कि कौन-कौन से ग्रह और नक्षत्र 2025 के महाकुंभ को अद्वितीय बना रहे हैं और इसका आध्यात्मिक महत्व क्या है।

प्रश्न 1: महाकुंभ 2025 का आरंभ कब और कहां होगा?

महाकुंभ 2025 की शुरुआत प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) में होगी। यह जनवरी में मकर संक्रांति से प्रारंभ होकर अप्रैल तक चलेगा। मकर संक्रांति का दिन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, जो खगोलीय दृष्टि से शुभ और ऊर्जा से भरपूर समय माना जाता है।