महाकुंभ मेला: आस्था, परंपरा और आध्यात्मिकता का महासंगम

कैसे महाकुंभ मेला बना आस्था का सबसे बड़ा उत्सव? महाकुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक…

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कैसे महाकुंभ मेला बना आस्था का सबसे बड़ा उत्सव?

महाकुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। यह हर 12 वर्षों में चार पवित्र स्थलों—हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन और नासिक में आयोजित होता है। यह मेला न केवल धार्मिकता का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं का एक जीवंत प्रमाण भी है। इस लेख में हम महाकुंभ मेले के दौरान किए जाने वाले विशेष स्नान, शाही स्नान, त्योहारों, पूजाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे।


महाकुंभ मेले के दौरान क्या विशेष स्नान किए जाते हैं?

प्रश्न: महाकुंभ में स्नान का महत्व क्या है?
उत्तर: महाकुंभ में स्नान को आत्मा की शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। गंगा, यमुना, सरस्वती जैसे पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। खासकर, निम्नलिखित स्नान अत्यधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं: