Beyond the Full Moon: Delving into the Deeper Meaning of Sharad Purnima

शरद पूर्णिमा: केवल एक त्योहार नहीं, गहरा अर्थ और आध्यात्मिक महत्व की खोज शरद पूर्णिमा, जिसे ‘कोजागरी पूर्णिमा’…

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शरद पूर्णिमा: केवल एक त्योहार नहीं, गहरा अर्थ और आध्यात्मिक महत्व की खोज

शरद पूर्णिमा, जिसे ‘कोजागरी पूर्णिमा’ या ‘रास पूर्णिमा’ के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण और जीवंत त्योहार है। यह आश्विन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है और यह शरद ऋतु के आगमन का प्रतीक है। आमतौर पर, लोग इसे चांदनी रात में स्वादिष्ट खीर खाने, देवी लक्ष्मी की पूजा करने और लोक नृत्यों का आनंद लेने के त्योहार के रूप में जानते हैं। लेकिन शरद पूर्णिमा का महत्व इन सतही परंपराओं से कहीं अधिक गहरा है।

इस लेख में, हम शरद पूर्णिमा के उन गहरे अर्थों और आध्यात्मिक पहलुओं का पता लगाएंगे जो अक्सर अनदेखे रह जाते हैं। हम यह समझने का प्रयास करेंगे कि यह त्यौहार सिर्फ एक वार्षिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्म-अनुसंधान, कृतज्ञता और आंतरिक शांति की ओर एक यात्रा है।