गुस्सैल ऋषि दुर्वासा की तपोभूमि आज भी मौजूद है नदी संगम पर — जानिए पूरी कहानी
दुर्वासा ऋषि आश्रम आज़मगढ़ (फूलपुर) में तोंस और मझुई नदियों के संगम पर स्थित ऋषि दुर्वासा की पौराणिक तपोभूमि है।
Table of Contents
मंदिर की जानकारी
| जानकारी | विवरण |
| स्थान | फूलपुर, आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश |
| देवता | ऋषि दुर्वासा एवं भगवान शिव |
| श्रेणी | तोंस-मझुई संगम तीर्थ |
| कैसे पहुंचें | फूलपुर / आज़मगढ़ जंक्शन |
दुर्वासा ऋषि आश्रम का पौराणिक महत्व क्या है?
दुर्वासा ऋषि को क्रोधी लेकिन तपस्वी संत के रूप में जाना जाता है। यह आश्रम उन्हीं की तपोभूमि रहा है।

तोंस–मझुई संगम इस आश्रम के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
नदी संगम स्थल हिंदू परंपरा में पवित्र माने जाते हैं, इससे आश्रम का महत्व और बढ़ता है।

यहां की खासियत
- ऋषि दुर्वासा की पौराणिक तपोभूमि
- तोंस-मझुई नदी संगम पर स्थित पवित्र स्थल
- पूर्वांचल क्षेत्र का प्राचीन आध्यात्मिक केंद्र
[दर्शन–समय की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं — verify करके जोड़ा जाए।]
आस–पास के अन्य मंदिर
यह जानकारी लोक मान्यता/परंपरा पर आधारित है।
यह भी पढ़ें: 1542 से लगातार हो रही है इस मूर्ति की पूजा — कभी नहीं मिला इसे बनाने वाला कारीगर
FAQ
दुर्वासा ऋषि आश्रम किसे समर्पित है?
यह आश्रम ऋषि दुर्वासा और भगवान शिव को समर्पित है।
यह आश्रम किस संगम पर स्थित है?
तोंस और मझुई नदियों के संगम पर।
कैसे पहुंचें?
फूलपुर या आज़मगढ़ जंक्शन से।





