रावण खुद लेकर आया था ये शिवलिंग — ‘छोटी काशी’ के नाम से मशहूर है ये धाम
गोला गोकर्णनाथ (छोटी काशी) मंदिर लखीमपुर खीरी में स्थित भगवान शिव को समर्पित एक स्वयंभू पौराणिक स्थल है। मान्यता है कि यहां का शिवलिंग स्वयं रावण द्वारा लाया गया था। मंदिर परिसर में स्थित विशाल पवित्र सरोवर भी इस स्थान की एक बड़ी विशेषता है, जिससे इसे ‘छोटी काशी’ के नाम से भी जाना जाता है।
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मंदिर की जानकारी
| जानकारी | विवरण |
| स्थान | गोला गोकर्णनाथ, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश |
| देवता | भगवान शिव (स्वयंभू) |
| श्रेणी | पौराणिक स्वयंभू स्थल (Puranic Swayambhu Shrine) |
| कैसे पहुंचें | गोला गोकर्णनाथ स्टेशन |
गोला गोकर्णनाथ के शिवलिंग का रावण से क्या संबंध है?
मान्यता है कि गोला गोकर्णनाथ मंदिर का शिवलिंग स्वयं रावण द्वारा यहां लाया गया था। यही पौराणिक कथा इस स्वयंभू शिवलिंग को एक विशेष धार्मिक महत्व प्रदान करती है, और श्रद्धालु इसे बेहद पवित्र मानते हैं।

इसे ‘छोटी काशी‘ क्यों कहा जाता है?
गोला गोकर्णनाथ को ‘छोटी काशी’ के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर परिसर में स्थित विशाल पवित्र सरोवर इस स्थान की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है, जो इसे क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण शिव तीर्थ स्थलों में से एक बनाता है।

यहां की खासियत
- मान्यता है कि यहां का शिवलिंग स्वयं रावण द्वारा लाया गया था
- ‘छोटी काशी’ के नाम से प्रसिद्ध, विशाल पवित्र सरोवर वाला स्थल
- स्वयंभू शिवलिंग होने के कारण विशेष धार्मिक महत्व
[दर्शन–समय, पूजा–विधि और ‘छोटी काशी‘ नाम के सटीक ऐतिहासिक कारण से जुड़ी specific जानकारी अभी उपलब्ध data में confirm नहीं है — यह verify करके ही जोड़ा जाए।]
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यह जानकारी लोक मान्यता/परंपरा पर आधारित है।
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FAQ
गोला गोकर्णनाथ मंदिर किसे समर्पित है?
यह मंदिर भगवान शिव को स्वयंभू स्वरूप में समर्पित है।
इस मंदिर का रावण से क्या संबंध है?
मान्यता है कि यहां का शिवलिंग स्वयं रावण द्वारा लाया गया था।
गोला गोकर्णनाथ मंदिर तक कैसे पहुंचें?
गोला गोकर्णनाथ स्टेशन से इस मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।





