कुंभ मेले में विविध संतों की उपस्थिति: कंप्यूटर बाबा से हिटलर बाबा तक

भारत के विशाल और भव्य धार्मिक आयोजनों में कुंभ मेले का विशेष स्थान है। यह आयोजन न केवल…

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भारत के विशाल और भव्य धार्मिक आयोजनों में कुंभ मेले का विशेष स्थान है। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिकता का केंद्र है, बल्कि यहां संतों और साधुओं की विविधता भी इसे अनूठा बनाती है। कुंभ मेले में आने वाले संत-महात्मा अपनी अलग-अलग परंपराओं, आचार-व्यवहार और जीवन शैली के लिए प्रसिद्ध होते हैं। इनमें कंप्यूटर बाबा से लेकर हिटलर बाबा तक, सभी अपनी अनोखी पहचान के साथ इस मेले को रंगीन बनाते हैं।

कुंभ मेले का महत्व और संतों की भूमिका

कुंभ मेला भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है। यह हर 12 वर्ष में चार स्थानों – प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में आयोजित होता है। इसमें करोड़ों श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान करने आते हैं।