मोदक रेसिपी और गणपति के 21 भोग: बाप्पा की पसंद का पूरा मेन्यू
बाप्पा को “मोदकप्रिय” यूँ ही नहीं कहा जाता। और घर में बने मोदक की खुशबू जब पूजा घर तक पहुंचती है, तो त्योहार पूरा लगता है। आइए, बनाते हैं।
Table of Contents
🥥 उकड़ीचे मोदक (स्टीम्ड मोदक) — पारंपरिक महाराष्ट्रीयन
भरावन के लिए: – 1 कप ताज़ा कद्दूकस नारियल – ¾ कप कद्दूकस किया गुड़ – ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर – 1 चम्मच घी, कुछ खसखस
आवरण के लिए: – 1 कप चावल का आटा (बारीक) – 1 कप पानी – 1 चम्मच घी, चुटकी भर नमक
विधि: 1. कढ़ाई में घी गरम कर नारियल और गुड़ डालें। 5–7 मिनट धीमी आंच पर चलाएं जब तक मिश्रण गाढ़ा हो जाए। इलायची मिलाकर ठंडा करें। 2. पानी में घी और नमक डालकर उबालें। आंच बंद कर चावल का आटा डालें, तुरंत ढक दें। 5 मिनट भाप में छोड़ें। 3. गुनगुना रहते ही आटे को हथेली में घी लगाकर मुलायम गूंथें। यही सबसे ज़रूरी स्टेप है — आटा जितना चिकना, मोदक उतने सुंदर। 4. छोटी लोई लेकर कटोरी जैसा आकार दें, किनारों पर 9 या 11 कलियां बनाएं। 5. भरावन भरकर ऊपर से चोटी बनाते हुए बंद करें। 6. केले के पत्ते या घी लगी छलनी पर रखकर 10–12 मिनट भाप में पकाएं। 7. ऊपर से घी डालकर भोग लगाएं।
🍘 तले हुए मोदक (Fried Modak)
गेहूं के आटे और मैदे को बराबर मात्रा में लेकर घी का मोयन दें, सख्त आटा गूंथें। वही नारियल-गुड़ की भरावन भरकर मोदक का आकार दें और धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तलें। ये 8–10 दिन तक चलते हैं — लंबे उत्सव के लिए बेहतर।
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🟡 5 मिनट वाला शॉर्टकट: खोया मोदक
200 ग्राम मावा भूनकर उसमें 100 ग्राम पिसी चीनी और इलायची मिलाएं। ठंडा होने पर मोदक के साँचे में दबाएं। बस हो गया।
🙏 गणपति के 21 भोग — पूरी लिस्ट
दस दिन अलग-अलग भोग लगाना चाहते हैं? यह लिस्ट काम आएगी:
| दिन | भोग |
| 1 | मोदक |
| 2 | मोतीचूर लड्डू |
| 3 | बेसन लड्डू |
| 4 | नारियल के लड्डू |
| 5 | पूरन पोली |
| 6 | श्रीखंड |
| 7 | केले का शीरा |
| 8 | खीर / पायसम |
| 9 | सूजी का हलवा |
| 10 | दही-चावल और मोदक (विसर्जन के दिन) |
अन्य लोकप्रिय भोग: मालपुआ, गुड़-नारियल का बूरा, पंजीरी, राजगिरा लड्डू, चूरमा लड्डू, गुड़ की खीर, सतोरी, काजू कतली, मोहनथाल, पेठा, मिश्री-मेवा।
⚠️ भोग के नियम
- भोग हमेशा ताज़ा और शुद्ध शाकाहारी हो
- प्याज़-लहसुन का प्रयोग न करें
- भोग के बाद प्रसाद ज़रूर बांटें, बचा हुआ फेंकें नहीं
- भोग की थाली पर तुलसी का पत्ता न रखें
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FAQs
गणेशजी को 21 मोदक का भोग क्यों लगाया जाता है?
21 अंक को शास्त्रों में पूर्णता और शुभता का प्रतीक माना गया है, इसीलिए 21 मोदक और 21 दूर्वा अर्पित की जाती हैं।
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मोदक का आटा फट क्यों जाता है?
आटा ठंडा होने पर फटता है। इसे गुनगुना रहते ही हथेली में घी लगाकर अच्छी तरह गूंथें, और ढककर रखें।
मोदक कितने दिन तक खराब नहीं होते?
स्टीम्ड मोदक 1–2 दिन, तले हुए मोदक 8–10 दिन और खोया मोदक फ्रिज में 4–5 दिन तक ठीक रहते हैं।
क्या बिना साँचे के मोदक बन सकते हैं?
हाँ, हाथ से कलियां बनाकर पारंपरिक मोदक बनाए जाते हैं। साँचा सिर्फ आसानी के लिए है।
गुड़ की जगह चीनी इस्तेमाल कर सकते हैं?
कर सकते हैं, पर पारंपरिक स्वाद और शास्त्रीय मान्यता के अनुसार गुड़ ही उपयुक्त है।





