गणेश आरती, मंत्र और चालीसा: “जय गणेश देवा” के साथ पूरा पाठ संग्रह

आरती के बिना पूजा अधूरी है। सुबह-शाम जब पूरा परिवार एक साथ ताली बजाकर “जय गणेश देवा” गाता है — वही गणेशोत्सव का असली रंग है।

🔱 प्रमुख गणेश मंत्र

मूल मंत्र: > ॐ गं गणपतये नमः

गणेश गायत्री मंत्र: > ॐ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि। > तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥

विघ्ननाशक मंत्र (हर शुभ कार्य से पहले): > वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। > निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

अर्थ: हे वक्र सूंड वाले, विशाल काय, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी देव — मेरे सभी कार्यों को सदैव निर्विघ्न कीजिए।

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ऋद्धिसिद्धि मंत्र: > ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा॥

🪔 आरती: जय गणेश जय गणेश देवा

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत चार भुजा धारी। माथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी॥

अंधन को आंख देत कोढ़िन को काया। बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥

पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥

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दीनन की लाज रखो शंभु सुतवारी। कामना को पूर्ण करो जग बलिहारी॥

🎺 मराठी आरती: सुखकर्ता दुखहर्ता

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची। नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची॥ सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची। कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती। दर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥

📿 संकटनाशन गणेश स्तोत्र (12 नाम)

रोज़ इन 12 नामों का जाप संकट दूर करने वाला माना जाता है:

वक्रतुंड, एकदंत, कृष्णपिंगाक्ष, गजवक्त्र, लंबोदर, विकट, विघ्नराज, धूम्रवर्ण, भालचंद्र, विनायक, गणपति, गजानन।

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📖 गणेश चालीसा (आरंभ)

जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥

जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥ जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥

(पूरी चालीसा 40 चौपाइयों की है — पाठ बुधवार और चतुर्थी को विशेष फलदायी माना जाता है।)

⏰ आरती का सही समय और तरीका

  • सुबह: स्नान के बाद, 7–9 बजे के बीच
  • शाम: सूर्यास्त के बाद, 6:30–8 बजे के बीच
  • आरती थाली में कपूर या घी का दीपक, फूल, अक्षत और जल रखें
  • दीपक को मूर्ति के सामने घड़ी की दिशा में 4 बार चरणों में, 2 बार नाभि पर, 1 बार मुख पर और 7 बार पूरे शरीर पर घुमाएं
  • आरती के बाद जल घुमाकर तुलसी की जड़ में डालें या घर में छिड़कें

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FAQs

दिन में कितनी बार गणेश आरती करनी चाहिए?

गणेशोत्सव के दौरान सुबह और शाम — दो बार आरती करने की परंपरा है।

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सबसे प्रभावशाली गणेश मंत्र कौन सा है?

“ॐ गं गणपतये नमः” सबसे सरल और शक्तिशाली बीज मंत्र है। 108 बार जाप करना श्रेष्ठ माना जाता है।

गणेश चालीसा कब पढ़नी चाहिए?

बुधवार, चतुर्थी तिथि और गणेशोत्सव के दिनों में गणेश चालीसा का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।

क्या आरती में ताली बजाना ज़रूरी है?

यह अनिवार्य नहीं, पर सामूहिक भक्ति और लय बनाए रखने के लिए यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।

आरती के बाद क्या करें?

सबको प्रसाद बांटें, आरती का दीपक तुरंत न बुझाएं, और मूर्ति के सामने कुछ क्षण मौन प्रार्थना करें।

लेखक

ज्योतिष एवं धर्मशास्त्र लेखिका · 20 वर्ष का अनुभव

ज्योतिष, वैदिक कर्मकांड और स्वप्न-शास्त्र पर दो दशकों से लेखन कर रही हैं। दुर्गा सप्तशती, लाल किताब और नाड़ी ज्योतिष पर विशेष अध्ययन। पाठकों के प्रश्नों के आधार पर व्यावहारिक और शास्त्र-सम्मत मार्गदर्शन देती हैं।

  • योग्यता: ज्योतिष आचार्य, संस्कृत स्नातक
  • विशेषज्ञता: वैदिक ज्योतिष, लाल किताब, नाड़ी ज्योतिष, स्वप्न शास्त्र, व्रत एवं कर्मकांड