इस दिन की जाती है मां चंद्रघंटा की पूजा, देखिए इसके फायदे

चैत्र नवरात्रि Chaitra Navratri के तीसरे दिन कौन से माता की पूजा की जाती है? नमस्कार दोस्तों, आपको…

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चैत्र नवरात्रि Chaitra Navratri के तीसरे दिन कौन से माता की पूजा की जाती है? नमस्कार दोस्तों, आपको बताना चाहते हैं कि चैत्र नवरात्रि Chaitra Navratri के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है।

  •  साल 2025 में चैत्र नवरात्रि Chaitra Navratri की शुरुआत 30 मार्च से हो रही है, और इस बार 1 अप्रैल को पूरे देश में मां चंद्रघंटा की पूजा विधि-विधान से की जाएगी।
  •  मां दुर्गा के नौ रूपों में तीसरा स्वरूप मां चंद्रघंटा का होता है, जिनकी उपासना से साधकों को अद्भुत शक्ति, साहस और निर्भयता प्राप्त होती है।

मां चंद्रघंटा का स्वरूप और महत्व

  • मां चंद्रघंटा का स्वरूप अत्यंत दिव्य और तेजस्वी माना जाता है। 
  • इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र बना होता है, जिसकी वजह से इन्हें ‘चंद्रघंटा’ नाम दिया गया है। 
  • यह स्वरूप शक्ति और सौम्यता का अद्भुत संगम है। 
  • मां के शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है और इनके दस हाथ होते हैं, जिनमें अस्त्र-शस्त्र धारण किए होते हैं। 
  • सिंह पर सवार मां चंद्रघंटा का यह रूप भक्तों को शक्ति और साहस प्रदान करता है।

मां चंद्रघंटा की पूजा विधि

  • स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। फिर मां चंद्रघंटा की पूजा करने का संकल्प लें।
  • पूजा स्थल की तैयारी: माता की प्रतिमा या चित्र को स्थापित कर केसर, चंदन, रोली, अक्षत और फूल अर्पित करें।
  • धूप और दीप प्रज्वलित करें: मां को धूप, दीप और गंध अर्पित करें और उन्हें दूध, मिठाई व पंचामृत का भोग लगाएं।
  • मंत्र जाप और आरती: मां चंद्रघंटा के मंत्र का जाप करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
  • कथा श्रवण और दान: मां की कथा सुनें और जरूरतमंदों को दान दें।

मां चंद्रघंटा की कृपा के लाभ मां की पूजा से भय, शत्रु और नकारात्मकता का नाश होता है। यह स्वरूप भक्तों को निर्भीक और साहसी बनाता है। मां की कृपा से साधक को आत्मिक और मानसिक शांति प्राप्त होती है। मां चंद्रघंटा की उपासना से सभी भक्तों को शक्ति, साहस और समृद्धि प्राप्त हो।