पितृ पक्ष 2024: कुंभ नगरी प्रयागराज में पितरों को अर्पित करें श्रद्धांजलि

भारतीय संस्कृति में पितृ पक्ष का विशेष महत्त्व है। यह वह समय होता है जब हम अपने पितरों…

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भारतीय संस्कृति में पितृ पक्ष का विशेष महत्त्व है। यह वह समय होता है जब हम अपने पितरों को श्रद्धा पूर्वक स्मरण करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण करते हैं। पितृ पक्ष 2024 में, प्रयागराज, जिसे कुंभ नगरी के नाम से भी जाना जाता है, विशेष रूप से पवित्र माना जाता है। प्रयागराज में गंगा, यमुना, और सरस्वती का संगम होता है, जो पितरों की पूजा और तर्पण के लिए सबसे पवित्र स्थल माना गया है। इस लेख में हम आपको पितृ पक्ष 2024 में प्रयागराज में पितरों की पूजा के महत्त्व, विधि और लाभों की जानकारी देंगे।

पितृ पक्ष का महत्त्व और प्रयागराज का विशेष स्थान

पितृ पक्ष हिंदू धर्म में एक पखवाड़े का वह समय होता है, जब हम अपने पितरों को स्मरण करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध करते हैं। श्राद्ध का अर्थ है श्रद्धा के साथ पितरों की पूजा और तर्पण। यह माना जाता है कि पितरों की आत्मा इस दौरान पृथ्वी पर आती है और वे अपने वंशजों से श्राद्ध और तर्पण की अपेक्षा करती हैं।