सर्व पितृ अमावस्या 2024: विशेष मुहूर्त, दुर्लभ योग और श्राद्ध से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां

हिंदू धर्म में पितरों का अत्यधिक महत्व है, और उन्हें प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध और तर्पण की…

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हिंदू धर्म में पितरों का अत्यधिक महत्व है, और उन्हें प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध और तर्पण की विधि का पालन किया जाता है। पितृ पक्ष में, श्राद्ध कर्म का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन सर्व पितृ अमावस्या या महालया अमावस्या होता है। यह दिन उन सभी पितरों को समर्पित होता है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती या जिन्हें सही तिथि पर श्राद्ध नहीं किया गया हो। यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन पितरों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए विशेष योग का निर्माण होता है।

2024 की सर्व पितृ अमावस्या विशेष है, क्योंकि इस दिन दुर्लभ योग का निर्माण हो रहा है, जिससे श्राद्ध और तर्पण करने वाले व्यक्तियों को विशेष फल प्राप्त होंगे। आइए, इस विशेष दिन के महत्व, शुभ मुहूर्त, और श्राद्ध विधि पर एक नज़र डालते हैं।