शीतला माता पूजा विधि, महत्व और लाभ | पूरी जानकारी यहा जानिए >>

By indian mythologys | oct 14, 2024

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शीतला माता की पूजा हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह विशेष रूप से बीमारियों से बचाने और स्वास्थ्य के लिए की जाती है। चलिए इसके विधि, महत्व और लाभ जानें।

शीतला माता को रोगों की देवी माना जाता है, विशेष रूप से चेचक और अन्य बीमारियों से रक्षा के लिए। इनकी पूजा बीमारियों से बचाव और परिवार की समृद्धि के लिए की जाती है।

शीतला माता कौन हैं?

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शीतला माता की पूजा मुख्य रूप से होली के बाद की जाती है, खासकर शीतला सप्तमी और अष्टमी के दिन। इस दिन भक्त शीतल भोजन चढ़ाते हैं और माता की कृपा पाने का प्रयास करते हैं।

पूजा के लिए सही समय

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शीतला माता की पूजा में पहले दिन बिना आग का खाना बनाया जाता है। अगले दिन उस शीतल भोजन को माता को चढ़ाया जाता है। देवी की प्रतिमा पर जल, चावल, हल्दी और फूल अर्पित किए जाते हैं।

पूजा विधि

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इस पूजा में शीतल भोजन का विशेष महत्व है। बिना आग का भोजन माता को अर्पित करने से जीवन में शांति, सुख और स्वास्थ्य प्राप्त होता है। यह माता का प्रिय भोग माना जाता है।

शीतल भोजन का महत्व

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शीतला माता की पूजा करने से परिवार को रोगों से मुक्ति मिलती है। यह पूजा बच्चों की सेहत और समृद्धि के लिए विशेष रूप से फलदायक मानी जाती है।

पूजा के लाभ

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शीतला माता के प्रमुख मंदिर गुड़गांव, राजस्थान, और मध्य प्रदेश में स्थित हैं। यहाँ हर साल भक्त माता के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में आते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

शीतला माता के प्रमुख मंदिर

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