तीन देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को रखने से नारी को ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह व्रत न केवल पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत करता है, बल्कि परिवार में सुख, शांति और समृद्धि भी लाता है।
वट सावित्री व्रत Vat Savitri Vrat की डेट
- वैदिक पंचांग के अनुसार साल 2025 में वट सावित्री व्रत Vat Savitri Vrat 26 मई, सोमवार को रखा जाएगा।
- इस दिन अमावस्या तिथि का आरंभ 26 मई को दोपहर 12:12 बजे से हो रहा है, और 27 मई को सुबह 8:32 बजे तक रहेगा।
- चूंकि अमावस्या तिथि का प्रभाव दोपहर के समय आरंभ हो रहा है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार व्रत 26 मई को ही किया जाएगा।
- इस व्रत में महिलाएं वट यानी बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं।
- सावित्री-सत्यवान की कथा का पाठ करती हैं और अपने पति के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं।
- इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और वट वृक्ष की परिक्रमा कर सूत (धागा) बांधती हैं।
- इस पूजा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत उच्च माना गया है।
व्रत का महत्व
ऐसा माना जाता है की इस दिन पत्नी द्वारा पूरे श्रद्धा भाव से व्रत रखने और विधिपूर्वक पूजा करने से पति का भाग्य चमक उठता है। यह व्रत रखने से शादीशुदा जीवन में और भी ज्यादा मजबूती देखने को मिलती है। आप सभी 26 मई को इस पावन व्रत को करें और अपने वैवाहिक जीवन को सुख-समृद्धि और प्रेम से भर दें। सबसे बड़ी बात यह है की इस व्रत को रखने से पूरे घर का भला होता है।
निष्कर्ष
यहां पर आपको बताया गया है की साल 2025 में वट सावित्री व्रत Vat Savitri Vrat किस दिन रखा जाएगा। इस साल 2025 में 26 मई को वट सावित्री व्रत रखा जाएगा। इस व्रत को महिलाएं अपने पति के लंबे जीवन के लिए रखती है। ऐसा करने से पूरे घर को फायदा होता है।